जानिये कैसे सोचने की शक्ति ब्लड शुगर बड़ा सकती है

आप येह बात जानते ही होगे की जो भी हम सोचते है आखिर में हमारे साथ वही होता है| पर क्या आप जानते है की हमारे शरीर के साथ भी अक्सर वही होता है जो हम सोचते है?

हम आपको दो दोस्तों की कहानी सुनाते है|

एक बार की बात है की दो दोस्तों थे और दोनों साइकिल चलने में माहिर थे| उन दोनों ने एक दिन साइकिल चलाने के रेस में भाग लिआ और पहाड़ पे साइकिल चलाने की रेस हुई| अचानक से पथरीले रास्तो में से गुजरते वक़्त दोनों के साथ दुर्घटना घाटी और अस्पताल में भर्ती हो गए|

उन् दोनों के घुटनो की हड्डी में फ्रैक्चर आ गया था और दोनों बेहद तकलीफ में थे| एक ने सोचा की अब उससे साइकिल कभी भी नहीं चल पाएगी और अस्पताल से छुट्टी के बाद वो घर बैठ कर आराम करेगा, वही दसरे दोस्त को अभी भी साइकिल जीतने का पागलपन सवार था|

6 महीने के बाद जो दोस्त घर बैठा हुआ था वह अभी तक तकलीफ में था और उसपे मोटापा और ब्लड प्रेशर की बीमारी भी हो गई थी| पर जो दूसरा लड़का जिसपे साइकिल चलाने का पागलपन सवार था वह बिलकुल तकलीफ में नहीं था और साइकिल की रेस में पेहेले नंबर पर आया था|

ऊपर बताई हुई कहानी अमेरिका के दो दोस्तों की असली कहानी है|

स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर केली मकगोनिकल के हिसाब से आप जैसा सोचेंगे वैसा ही आपका शरीर उस स्थिति की वैसे ही प्रतिक्रिया देगा|

डायबिटीज और सोचने की शक्ति

अगर आप भी उस एक दोस्त की तरह यह सोचेंगे की आपको डायबिटीज है और आपकी शुगर कभी ठीक नहीं होगी और आपको आगे ख़राब ज़िन्दगी जीनी पड़ेगी तोह बेशक आपके साथ ऐसा ही होगा पर अगर आप अछा सोचेंगे और एक स्वस्थ ज़िन्दगी जीयेंगे तोह आपका शरीर स्वस्थ और तंदरुस्त रहेगा|​

दरहसल अगर आप किसी परिस्थिति को नकारात्मक तरीके से सचते है तोह आपका शरीर उस नकारात्म की अनुक्रिया आपकी दिल की धड़कन बढ़ाकर और आपके शरीर में दर पैदा कर देता है| इस दर की वजह से आपके शरीर के अंगो पर दबाव पड़ता है ज़्यादा मेहनत करने का जिससे की आपके सहरीर के अंग ख़राब होना चालू हो जाते है|

ज़रूरत है आपको सकारात्मक सूच रखने की, ज़रूरत है स्वछ और स्वस्थ खाना खाने की क्योकि अगर आप अच्छा सोचेंगे और अछा खाएंगे तभी तोह आप हमारा साथ दे पाएंगे डायबिटीज का इलाज ढूंढने में|

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